सीएम ने सभी विकास परियोजनाओं को रोक दिया है लेकिन जोशीमठ से कुछ दूरअब भी पहाड़ तोड़े जा रहे हैं.
जोशीमठ संकट को लेकर सरकार अब भी गंभीर नहीं दिख रही है.एक तरफ जहां यह दावा किया जा रहा है कि सभी निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं. वहीं दूसरी ओर जोशीमठ से कुछ दूरी पर पहाड़ की कटाई लगातार जारी है. हैवी मशीनों से पहाड़ तोड़ने का काम दिन-रात किया जा रहा है. ताजा मामला तपोवन से सामने आया है.

विशेषज्ञों का कहना है कि जोशीमठ में बड़ी-बड़ी मशीनों से सुरंगें खोदने, पहाड़ तोड़न और ब्लास्ट करने की वजह से ऐसे हालात बने हैं. यहां बड़े-बड़े ड्रिल हैमर मशीनों का इस्तेमाल करके पहाड़ काटकर सड़कों को चौड़ा करने का काम किया जा रहा है. यह इलाका जोशीमठ से महज 12 किमी. दूर है.
बीआरओ चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण का कार्य करा रहा है. हालांकि बीआरओ के अधिकारी कर्नल मनीष कपिल ने पहाड़ काटे जाने की बात से इनकार किया था. उनका कहना था कि केवल रास्ते से मलबा हटाया जा रहा है.

जोशीमठ के जिला प्रशासन ने भी बीआरओ के अन्तर्गत निर्मित हेलंग वाई पास निर्माण कार्य और एनटीपीसी तपोवन विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के निर्माण कार्यों में रोक लगा राखी है.