फिल्म निर्माता और निर्देशक करण जौहर ने हाल ही में अपने लोकप्रिय टॉक शो ‘कॉफी विद करण’ के नए सीजन की घोषणा कर फैंस को उत्साहित कर दिया है। इसी बीच उन्होंने इंडस्ट्री में बढ़ते पेड पीआर कल्चर पर खुलकर अपनी राय रखी, जिसने एक नई बहस छेड़ दी है।
‘द वीक’ द्वारा आयोजित फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी एक चर्चा में शामिल हुए करण जौहर ने कहा कि बॉलीवुड को अब अपने काम को ही बोलने देना चाहिए और अत्यधिक प्रचार-प्रसार से बचना चाहिए। इस बातचीत के दौरान एक प्रतिभागी ने जाह्नवी कपूर और शनाया कपूर की फिल्मों ‘परम सुंदरी’ और ‘तू या मैं’ के लिए किए जा रहे कथित ‘मेथड मार्केटिंग’ का जिक्र किया और पूछा कि क्या यह ट्रेंड आगे और बढ़ सकता है।
इस पर करण जौहर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मुझे लगता है कि बॉलीवुड को पीआर करना बंद कर देना चाहिए। आजकल ज्यादातर पीआर पेड पीआर बन गया है। अगर आपको कहना है कि आप अच्छे दिख रहे हैं या आप सबसे बेहतरीन अभिनेता हैं, तो उसके लिए पैसे देने पड़ते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि इंडस्ट्री में पीआर और मार्केटिंग का महत्व तो है, लेकिन यह संतुलित होना चाहिए। उनके अनुसार, “अब हर चीज पैसे देकर प्रमोट की जा रही है, जिससे यह समझना मुश्किल हो जाता है कि लोगों को वास्तव में क्या पसंद आ रहा है और क्या सिर्फ पेड प्रमोशन है।”
करण ने यह भी साफ किया कि उनका बयान किसी खास कलाकार पर नहीं था, बल्कि यह पूरी इंडस्ट्री के मौजूदा चलन पर एक सामान्य टिप्पणी थी।
वर्कफ्रंट की बात करें तो करण जौहर फिलहाल अपनी अगली फिल्म की तैयारी में व्यस्त हैं। उनकी पिछली निर्देशित फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ (2023) थी, जिसमें रणवीर सिंह और आलिया भट्ट मुख्य भूमिकाओं में थे और जिसे बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता मिली थी। वहीं उनके प्रोडक्शन हाउस की आगामी फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ भी चर्चा में है, जिसमें लक्ष्य और अनन्या पांडे नजर आएंगे।