उत्तराखंड में एक अप्रैल से 20 लाख उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का झटका लगने वाला है| राज्य में लंबे समय से घरेलू बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई थी | हर बार यूपीसीएल की ओर से प्रस्ताव भेजा जाता है लेकिन आयोग बढ़ोतरी नहीं करता। इस बार यूपीसीएल के घाटे को देखते हुए घरेलू दरों में बढ़ोतरी का दबाव है।यूजेवीएनएल ने विद्युत विक्रय दरों में बढ़ोतरी और पिटकुल ने ट्रांसमिशन की दरों में बढ़ोतरी की मांग नियामक आयोग से की है। उत्तराखंड में अब उपभोक्ताओं को पहले के मुकाबले बिल अधिक देना होगा। राज्य में बिजली की दरों में 2.68 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस संबंध में गुरुवार को विद्युत नियामक आयोग ने बिजली का नया टैरिफ जारी कर दिया है।
प्रदेश में 1 अप्रैल से 20 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का झटका लगने वाला है । उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने जनसुनवाई पूरी कर ली है। इसके बाद विद्युत सलाहकार समिति की बैठक भी हो चुकी है। 31 मार्च को नया टैरिफ जारी कर दिया है जो कि एक अप्रैल से लागू होगा।विद्युत नियामक आयोग को यूपीसीएल, पिटकुल और यूजेवीएनएल ने कुल मिलाकर 10.5 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा था। इसमें यूपीसीएल का 4.5 प्रतिशत का प्रस्ताव है, जो सीधे तौर पर आम जनता को प्रभावित करने वाला है।
यूपीसीएल ने दिया था घाटे से उबरने का प्लान
यूपीसीएल ने इस बार लगातार घाटे से जूझ रहे तीन साल का प्लान नियामक आयोग के सामने रखा था । इसमें बताया गया है कि अगर उनके हिसाब से दरों में बढ़ोतरी व अन्य निर्णय हुए तो निश्चित तौर पर आने वाले तीन साल में यूपीसीएल को घाटे से बाहर निकाला जा सकेगा। अब इस पर आयोग को निर्णय लेना है|