उत्तराखंड के 137 राजकीय-अशासकीय महाविद्यालयों, चार विश्वविद्यालयों और परिसरों में हुए छात्रसंघ चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं। चुनाव में ABVP का दबदबा देखने को मिला है। ABVP ने 55 कॉलेजों में जीत का दावा किया है, जबकि NSUI ने 24 कॉलेजों में जीत की बात कही है। कई जगह निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी दोनों संगठनों को बड़ा झटका दिया।देहरादून के DAV PG College में ABVP के नवदीप राणा अध्यक्ष चुने गए, जबकि महासचिव पद निर्दलीय नीलांश ने जीता। वहीं DBS PG College में NSUI के अभिनव कफलिया अध्यक्ष बने। MKP PG College में ABVP की आयुषी पैन्यूली अध्यक्ष चुनी गईं, जबकि मसूरी के MPG College में ABVP के वेदांत थापली ने अध्यक्ष पद जीता।नरेंद्रनगर राजकीय महाविद्यालय में NSUI ने क्लीन स्वीप किया। यहां आयुष रावत अध्यक्ष बने। डोईवाला के शहीद दुर्गा मल्ल कॉलेज में USF के मोहित ममगाईं अध्यक्ष चुने गए।
हल्द्वानी के MBPG College में सबसे बड़ा उलटफेर हुआ। ABVP के बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले आर्यन बेलवाल ने अध्यक्ष पद जीत लिया। उन्हें 1,723 वोट मिले, जबकि NSUI के मेहुल साह को 1,257 और ABVP के धीरज बिष्ट को 988 वोट मिले। गौलापार डिग्री कॉलेज में ABVP की गीता अध्यक्ष चुनी गईं, जबकि महिला महाविद्यालय हल्द्वानी में चुनाव निर्विरोध हुआ और दिया छतवानी अध्यक्ष बनीं।रुद्रपुर-ऊधमसिंह नगर की बात करें तो सितारगंज PG कॉलेज में ABVP के हरेकृष्ण मिस्त्री अध्यक्ष बने। उन्होंने NSUI के चंदन सिंह को 402 वोट से हराया। वहीं किच्छा राजकीय महाविद्यालय में निर्दलीय आमिर ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।अल्मोड़ा के SSJ परिसर में ABVP के रोहित कुमल्टा अध्यक्ष चुने गए, जबकि बागेश्वर के गरुड़, कांडा और कपकोट कॉलेजों में NSUI ने जीत दर्ज की।
छात्रसंघ चुनाव के नतीजों से भाजपा भी उत्साहित है। भाजपा ने ABVP की करीब 85 प्रतिशत सीटों पर जीत का दावा किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजयी ABVP प्रत्याशियों को बधाई देते हुए कहा कि छात्रसंघ चुनाव में युवाओं ने “झूठ की गूंज को बेनकाब” किया है।वहीं NSUI प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने डीएवी देहरादून समेत कुछ कॉलेजों में दोबारा मतगणना को लेकर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। कुल मिलाकर इस बार उत्तराखंड की कैंपस पॉलिटिक्स में ABVP का दबदबा रहा, लेकिन NSUI और निर्दलीयों ने भी कई अहम कॉलेजों में बड़ा उलटफेर किया।