जंतर-मंतर पर Cockroach Janata Party (CJP) के प्रदर्शन के बाद अब Reservation Hatao Movement (RHA) देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर इस अभियान को व्यापक समर्थन और विरोध दोनों मिल रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य जाति आधारित आरक्षण और जातिगत पहचान की राजनीति को समाप्त कर सभी नागरिकों के लिए समान अवसर और समान व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उनका दावा है कि शिक्षा और नौकरियों में चयन केवल योग्यता (Merit) और समान प्रतिस्पर्धा के आधार पर होना चाहिए।
हालांकि, इस आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस भी छिड़ गई है। कई लोगों का कहना है कि यदि आंदोलन का वास्तविक उद्देश्य जातिगत भेदभाव को खत्म करना है, तो इसका नाम “Reservation Hatao Movement” की बजाय “Caste Hatao Movement” होना चाहिए। उनका तर्क है कि समस्या की जड़ जातिगत भेदभाव है, केवल आरक्षण नहीं। वहीं, दूसरी ओर कई लोग आरक्षण को सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए इसे हटाने की मांग का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में RHA को लेकर शुरू हुई बहस अब सोशल मीडिया से निकलकर देशव्यापी सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का रूप ले चुकी है।