जिस घर में सुबह चाय और नाश्ते की तैयारी हो रही थी, कुछ ही पलों में वहां चीख-पुकार मच गई।कोटद्वार के द्वारीखाल ब्लॉक के महरगांव में पहाड़ी से आए मलबे ने धीरेंद्र सिंह का मकान पूरी तरह जमींदोज कर दिया।
हादसे में धीरेंद्र सिंह , उनकी मां मथुरा देवी और दो साल के मासूम रुद्रांश की मौत हो गई।वहीं, धीरेंद्र सिंह की भाभी विदेश्वरी देवी को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
धीरेंद्र की पत्नी विधाता देवी, बेटा गौरव और रुद्रांश की मां रजनी दूसरे मकान में होने के कारण सुरक्षित हैं।घी संक्रांति मनाने ननिहाल आया रुद्रांश अब इस दुनिया में नहीं है, और पीछे छोड़ गया एक ऐसा गम, जो परिवार शायद कभी नहीं भूल पाएगा।