कमलुआगांजा क्षेत्र में रामलीला मैदान में हुए वकील उमेश नैनवाल हत्याकांड का आज पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आपको बता दे पुलिस ने हत्याकांड में शामिल आरोपी दिनेश नैनवाल को गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से लामाचौड़ पूरनपुर नैनवाल गाँव का निवासी उमेश नैनवाल और उसके चचेरे भाई दिनेश नैनवाल का प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। बता दे सोमवार देर रात कमलुवागांजा स्थित रामलीला मैदान में उमेश का बेटा परशुराम का किरदार निभा रहा था। इस दौरान रामलीला मैदान में रामलीला देखने के लिए काफी लोग पहुंचे थे। करीब 11 बजे उमेश और उसके चचेरे भाई दिनेश के बीच मामूली कहासुनी हुई और कुछ ही देर में ये कहासुनी विवाद में तब्दील हो गयी। तभी दिनेश ने तमंचा निकालकर उमेश नैनवाल पर गोली चला दी। वही गोली लगते ही उमेश निचे गिर गया। वही दूसरी तरफ गोली की आवाज सुन और उमेश को गिरता देख रामलीला में भगदड़ मच गई। जिस का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गया। साथ ही मौके पर मौजूद लोगों ने घायल उमेश को सेंट्रल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हालांकि आज पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जिसे पुलिस न्यायालय में पेश करने की तैयारी में जुटी है। दरअसल पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके चाचा हेम चंद्र नैनवाल की लगभग 18-19 बीघा जमीन पूरनपुर नैनवाल गाँव में थी जिसका कोई वारिस नहीं था साथ ही चाचा हेम चंद्र की 3 से 4 महीने पहले ही मृत्यु हो गयी थी। लेकिन जमीन को लेकर मृतक उमेश चंद्र नैनवाल से विवाद चल रहा था इतना ही नहीं बल्कि सभी रिश्तेदारों द्वारा उक्त जमीन को स्कूल, पार्क या किसी सामजिक संस्था को दान करने पर सहमति जतायी थी। परन्तु मृतक उमेश नैनवाल इसमें आपत्ति जता रहा था और जमीन को लेकर विवाद कर रहा था। जिस कारण दिनेश ने सोमवार को रामलीला ग्राउंड में गुस्से में आकर अपने तहेरे भाई को गोली मार दी।