जोशीमठ में हो रहे भूस्खलन पर करन माहरा ने ये आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 में जब भाजपा की सरकार थी, तब महेंद्र भट्ट बदरीनाथ के विधायक थे। उन्होंने ऐसा कोई प्रयास नहीं किया, जिससे जोशीमठ का संरक्षण किया जा सके। वहीं माहरा ने कहा कि बनभूलपुरा की घटना में भी प्रदेश सरकार का बिलकुल नकारात्मक रवैया रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि उत्तराखंड की दो महत्वपूर्ण बनभूलपुरा और जोशीमठ की घटनाओं ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। दोनों ही घटनाओं में राज्य की धामी सरकार ने असंवेदनशीलता का परिचय दिया है। शुक्रवार को कांग्रेस भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि जोशीमठ में वर्ष 1976 से ही कहा जा रहा कि वह कमजोर पर्वतीय भूभाग में स्थापित है, जो वर्तमान में सिस्मिक जोन चार में आता है।

बता दे की उन्होंने ये भिऊ कहा की समय-समय पर गठित समितियों ने जोशीमठ में सीमित निर्माण कार्यों को ही स्वीकृति देने की बात कही।वर्तमान में एनटीपीसी की ओर से वहां जिस तरह से काम कराए जा रहे, पूरा जोशीमठ खतरे की जद में आ गया है। और 21 दिनों से अनेक संगठनों और बुद्धिजीवियों की ओर से जोशीमठ को बचाने के लिए सरकार से गुहार लगाई जा रही है जिसके बाद अब जाकर सरकार नींद से जागी है।