भराड़ीसैंण। उत्तराखंड विधानसभा सत्र के पहले ही दिन खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने बड़ा राजनीतिक एलान कर दिया। उन्होंने बुधवार, 28 अक्टूबर को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उमेश कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि साढ़े चार साल तक उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दों और किसानों की समस्याओं को लेकर विपक्ष से समर्थन की उम्मीद की, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के साथ कई मुद्दों पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने के बावजूद हरिद्वार के किसानों की समस्याओं पर उन्हें साथ नहीं मिला।
उमेश कुमार ने हरिद्वार के किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए इकबालपुर शुगर मिल पर किसानों का 118 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा में हरिद्वार जिले में किसानों की फसलें बर्बाद हुईं, लेकिन उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के ब्याज, बिजली बिलों और कनेक्शन काटे जाने जैसे मुद्दे भी उठाए। विधायक ने कहा कि अगली बार वह कुछ और लोगों के साथ सदन में पहुंचने का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस में नहीं जा रहे हैं और भाजपा में शामिल होने की भी बात नहीं कही। अब उनके इस्तीफे के एलान के बाद उत्तराखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।