नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली के इंडिया गेट पर रातभर धरना दिया। 15 अक्टूबर की सुबह करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता, कांग्रेस नेताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। बुधवार शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की और न्याय की लड़ाई में साथ देने का भरोसा जताया।
प्रदर्शन कर रहे परिवार की मुख्य मांग भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर रोक लगाने की है। परिवार चाहता है कि अंकिता मामले में जारी CBI जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए। परिवार ने इस मामले में कथित VIP की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं, हालांकि दुष्यंत गौतम की संलिप्तता अदालत में साबित नहीं हुई है। अंकिता की मां ने कहा कि नियुक्ति रद्द होने तक वे अपनी मांग पर अडिग रहेंगी और जरूरत पड़ने पर घर पर भी भूख हड़ताल करेंगी। वहीं, अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा।