उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। प्रदेशभर में भूस्खलन और मलबा आने के कारण 132 सड़कें बंद हैं, जबकि गंगा, अलकनंदा, मंदाकिनी, सरयू और अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कई स्थानों पर नदियां चेतावनी स्तर के करीब या उससे ऊपर बह रही हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर समेत कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
बारिश के चलते राज्य के कई प्रमुख मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने के कारण बार-बार बंद हो रहे हैं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं चमोली में बदरीनाथ हाईवे भी कुछ स्थानों पर बाधित रहा। लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां बंद सड़कों को खोलने के लिए लगातार राहत कार्य में जुटी हैं।
हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। ऋषिकेश का प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन का आरती स्थल जलमग्न हो गया है। जिला प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को गंगा किनारे जाने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की चेतावनी दे रहा है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने, राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट रखने और चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने कहा है कि मौसम सामान्य होने तक यात्रियों को केवल आधिकारिक मौसम और सड़क संबंधी अपडेट देखकर ही यात्रा करनी चाहिए।