दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे मशहूर शिक्षाविद, इनोवेटर और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत अब लगातार बिगड़ती जा रही है। उनका अनशन अब 16वें दिन में पहुंच चुका है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय से अन्न न लेने की वजह से उनका ब्लड प्रेशर सामान्य से काफी नीचे चला गया है और उनका वजन भी करीब 7.8 किलो तक कम हो चुका है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर यह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर देशभर में चिंता बढ़ती जा रही है।
इस बीच सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों और देशवासियों के नाम एक भावुक संदेश भी जारी किया। उन्होंने कहा, “मैं कोई गांधी नहीं हूं, इसलिए मुझे हीरो मत बनाइए… अपना हीरो खुद बनिए।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल किसी एक व्यक्ति पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने अधिकारों और देश के बेहतर भविष्य के लिए खुद आगे आएं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें। फिलहाल उनका अनशन जारी है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार उनकी मांगों पर क्या रुख अपनाती है और उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।