उत्तर प्रदेश के संभल में साल 1978 में हुए दंगों और हालिया घटनाओं की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म कल्कि संभल की शूटिंग 14 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है। इस फिल्म का निर्माण जानी फायरफॉक्स स्टूडियो के बैनर तले किया जा रहा है। फिल्म में 1978 के दंगों की भयावहता और उससे जुड़ी मानवीय त्रासदी को दर्शाने की योजना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म में न केवल 1978 के दंगों की घटनाओं को दिखाया जाएगा, बल्कि 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए विवाद और हिंसा के दृश्य भी शामिल किए जा सकते हैं। इस तरह फिल्म अतीत और वर्तमान के बीच एक संबंध स्थापित करने की कोशिश करेगी।
फिल्म का निर्देशन भरत एस. श्रीनेत कर रहे हैं, जबकि निर्माण की जिम्मेदारी अमित जानी के पास है। शूटिंग शुरू होने से पहले निर्देशक ने चंदौसी स्थित एसएम कॉलेज का दौरा कर संभावित लोकेशनों का निरीक्षण किया। उन्होंने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दानवीर सिंह यादव से शूटिंग के लिए लिखित अनुमति भी मांगी है।
इसके अलावा निर्देशक ने सीता रोड पर स्थित गणेश प्रतिमा, रामबाग धाम में राम की प्रतिमा और मोहल्ला लक्ष्मणगंज की बावड़ी जैसे स्थानों का भी जायजा लिया है, जहां फिल्म के कुछ महत्वपूर्ण दृश्य फिल्माए जा सकते हैं।
कास्टिंग की बात करें तो फिल्म में महेश मांजरेकर ‘अब्बाजान’ के किरदार में नजर आ सकते हैं, जिन पर 1978 में दंगे भड़काने का आरोप दिखाया जाएगा। वहीं विजय राज ‘भाईजान’ की भूमिका में दिखाई दे सकते हैं, जिनका किरदार 2024 की घटनाओं से जुड़ा होगा। इसके अलावा रजनीश दुग्गल ‘बनवारी लाल गोयल’ का किरदार निभाते नजर आ सकते हैं।
फिल्म के जारी पोस्टर में दो पीढ़ियों के पात्रों को दिखाया गया है—एक 1978 के दंगों से जुड़ा और दूसरा 2024 की घटनाओं से, जो कहानी को एक व्यापक सामाजिक और राजनीतिक संदर्भ में पेश करने का संकेत देता है।
फिल्म निर्माता अमित जानी का कहना है कि इस फिल्म का उद्देश्य 1978 के दंगों के दौरान हुए अत्याचारों को दुनिया के सामने लाना है। साथ ही, फिल्म में यह भी दिखाया जाएगा कि उस समय और हालिया घटनाओं में राजनीतिक और सामाजिक व्यक्तियों की क्या भूमिका रही।
यह फिल्म अपने विषय और प्रस्तुति के कारण पहले से ही चर्चा में है और इसकी रिलीज को लेकर दर्शकों में उत्सुकता देखी जा रही है।