देवभूमि देहरादून से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। एक महिला को उसके परिजन इलाज के लिए एक नहीं, दो नहीं बल्कि चार-चार अस्पतालों में लेकर घूमते रहे, लेकिन किसी ने भी समय पर सही इलाज नहीं दिया। हैरानी की बात तो ये है कि परिवार को यह तक पता नहीं था कि जिस महिला को वे अस्पताल दर अस्पताल ले जा रहे हैं, उसकी मौत पहले ही हो चुकी थी। यह घटना न सिर्फ सिस्टम की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार करती है।
बताया जा रहा है कि महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उसे अलग-अलग अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन हर जगह या तो इलाज में देरी हुई या उसे सही तरीके से जांच नहीं मिली। इसी बीच महिला ने दम तोड़ दिया, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी गई और वे उसे जिंदा समझकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक ले जाते रहे। जब सच्चाई सामने आई, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर गरीब और आम आदमी को समय पर इलाज कब मिलेगा।