ताजनगरी आगरा से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने भारतीय नौसेना के जवान आदर्श कुमार उर्फ लकी को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एटीएस ने आरोपी को मंगलवार को आगरा से दबोचा और बाद में अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।एटीएस के अनुसार, आगरा के गांव चीतपुर निवासी आदर्श कुमार केरल के कोच्चि स्थित दक्षिणी नेवल कमांड में तैनात था। जांच में सामने आया है कि वह सामरिक महत्व की सैन्य सूचनाएं पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को भेज रहा था। आरोप है कि उसने भारतीय नौसेना के कुछ महत्वपूर्ण युद्धपोतों की तस्वीरें और उनकी लोकेशन अपने पाकिस्तानी हैंडलर को भेजी थी। इसके बदले उसके बैंक खाते में रकम भी भेजी गई थी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, एक पाकिस्तानी एजेंट की निगरानी के दौरान आदर्श कुमार का नाम सामने आया। इसके बाद एटीएस ने उस पर नजर रखना शुरू किया। जब यह पुष्टि हो गई कि आरोपी के खाते में आईएसआई एजेंट की ओर से पैसे भेजे गए हैं, तब उसे गिरफ्तार कर लिया गया।बताया जा रहा है कि आदर्श कुमार करीब सात साल पहले भारतीय नौसेना में भर्ती हुआ था। हाल ही में उसकी शादी हुई थी। 19 फरवरी को शादी के बाद वह हनीमून मनाने के लिए दुबई गया था और दो दिन पहले ही वापस लौटा था। इसी दौरान एटीएस को पुख्ता सबूत मिले और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।गांव के लोगों के अनुसार, आदर्श ने अकोला के एसजी स्कूल से 12वीं पास करने के बाद नौसेना में भर्ती की तैयारी शुरू की थी। गांव में उसके खर्च को लेकर पहले भी चर्चा होती रहती थी।
बताया जा रहा है कि शादी के बाद विदेश में हनीमून मनाने जाने वाला वह गांव का पहला युवक था।आरोपी की गिरफ्तारी के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वहीं, परिवार के लोग इस घटना से शर्मिंदा हैं और उनका कहना है कि आदर्श को गलत तरीके से फंसाया गया है। जब पत्रकार जानकारी लेने के लिए उसके घर पहुंचे तो परिवार के लोगों ने दरवाजे बंद कर लिए और किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।ग्रामीणों के अनुसार, आदर्श के पिता बलबीर सिंह शराब की ठेकेदारी करते हैं। परिवार में उसकी तीन बहनें हैं और वह सबसे छोटा है। गांव के लोगों को यह विश्वास नहीं हो रहा है कि आदर्श पैसे के लिए इस तरह की हरकत कर सकता है।गौरतलब है कि इससे पहले भी आगरा में जासूसी के मामले सामने आ चुके हैं।
पिछले वर्ष मार्च में फिरोजाबाद की ऑर्डिनेंस फैक्टरी के चार्जमैन रविंद्र कुमार को एटीएस ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह फेसबुक पर “नेहा” नाम की प्रोफाइल से चैटिंग कर कथित तौर पर आईएसआई को खुफिया जानकारी देता था। इसके अलावा वर्ष 2015 में बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद एजाज को एयरफोर्स स्टेशन के पास रेकी करने और जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।फिलहाल इस मामले में एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने अब तक कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारियां साझा की हैं और इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।