कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सीडब्ल्यूसी मेंबर गणेश गोदियाल ने उत्तराखंड में पांचों लोकसभा सीटों पर पार्टी की हार को लेकर अपनी बात सबके सामने रखी। उन्होंने पौड़ी लोकसभा की जनता के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा की बहुत कम समय में जिस प्रकार गढ़वाल लोकसभा के लोगों ने अपार स्नेह दिया है उसके लिए वह पौड़ी की जनता के आभारी है। आगे गणेश गोदियाल ने कहा की पौड़ी लोकसभा की जनता ने जो पूंजी उन्हें दी है, वह इस पूंजी को अपनी समृद्धि में हमेशा सहेज कर रखेंगे। उन्होंने गढ़वाल लोकसभा ही नहीं बल्कि पांचों लोकसभा सीटों के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। और कहा की इस लोकसभा चुनाव में कुछ कमियां रह गई हैं, जिसे भविष्य में दूर किया जाएगा। साथ ही गणेश गोदियाल ने इस चुनाव में पार्टी ने क्या खोया और क्या पाया जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा की 2019 की अपेक्षा कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया है। इस चुनाव में हार के आंकड़ों के मार्जिन को आधा करने में कांग्रेस पार्टी सफल रही है। वो भी उन हालातो में जब भाजपा ने विधायकों और नेताओं को डराकर अपनी ताकत के बल पर अपनी पार्टी में शामिल कर लिया था। साथ ही कांग्रेस के कुछ पुराने नेताओं ने भी अंदरखाने बीजेपी की मदद की है।
उन्होंने कहा कि अगर 400 पार की हवा न बनती तो उत्तराखंड की फिजा कुछ और होती। दरअसल कांग्रेस बेटियों के साथ हुए अन्याय, अग्निवीर, बेरोजगारी, पेपर लीक और बिगड़ती कानून व्यवस्था के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही थी, इसलिए अगर अंकिता भंडारी हत्याकांड मुद्दा नहीं बन पाया तो फिर लोगों को भी पुनर्विचार करने की जरूरत है। आखिर वो कहां चूक गए, कि लोगों ने इन अहम मुद्दे पर गौर नहीं किया। जबकि पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र में अग्निपथ योजना मुद्दा बन सकता है तो उत्तराखंड में ये मुद्दा क्यों नहीं बन पाया, ये उनके और मतदाताओं के लिए चिंतन का विषय है। कांग्रेस के मुताबिक लोकसभा चुनाव में उनके प्रचार की पहुंच सही रही, शहरी इलाकों में भी बढ़त रही लेकिन अर्बन एरिया में वो अपनी पकड़ नहीं बना पाए। जिसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ा है।