तबाही के कगार पर खड़े जोशीमठ शहर को खाली कराया जा रहा है…अब तक हजारों स्थानीय लोगों से उनका घर छिन चुका है, वही कल देहरादून में जोशीमठ संकट को लेकर उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक हुई…जिसमें जोशीगठ त्रासदी और इससे प्रभावित लोगों को ध्यान में रखकर कुछ अहम फैसले लिए गए

कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि…सहायता पैकेज में पहले सर्वे और लोगों से बात की जाएगी… भारत सरकार से भी राहत पैकेज मांगा जाएगा औऱ साथ ही सरकार एक सप्ताह के भीतर राहत पैकेज तैयार करेगी…वहीं विस्थापित परिवार के 2 लोगों को मनरेगा की दर पर भुगतान किया जाएगा…इसके साथ ही 6 महीने के लिए बिजली-पानी के बिल माफ करने और बैंक लोन के लिए एक साल की अवधि बढ़ाने का फैसला किया गया…

जानकारी के अनुसार पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, सभी पर्वतीय क्षेत्रों की धारण क्षमता की जांच होगी. सर्वे होगा , पहले चरण में पर्वतीय क्षेत्रों का ही होगा. यह भी फैसला किया किया कि सभी मंत्री एक माह का वेतन सीएम राहत कोष में देंगे… आठ संस्थान इस वक्त जोशीमठ भू धंसाव के कारणों की जांच करेंगे. एनटीपीसी का भी काम अभी बंद है. इस संकट के लिए एनटीपीसी जिम्मेदार है कि नहीं, इसकी भी जांच होगी.