अपनी धरोहर संस्था की ओर से आयोजित गोलज्यू संदेश यात्रा आज धूमधाम से हल्द्वानी पहुंची। आपको बता दे हीरा नगर उत्थान मंच स्थित गोलज्यू मंदिर में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। साथ ही मंदिर में लगाई गई जागर में डगरिये खूब नाचे। इतना ही नहीं बल्कि नाचने के दौरान डगरियों ने गर्म सलाखों और कोयले को जीभ से स्पर्श किया। जिसके बाद सैकड़ो भक्तों ने गोल्ज्यू भगवान का आशीर्वाद लिया। बता दे शोभायात्रा का भव्य शुभारंम मुख्य पुरोहित बसंत पांडेय और महंत जागेंद्र नाथ ने गोल्ज्यू मंदिर में पूजा अर्चना कर किया। वही पूजा अर्चना के बाद हल्द्वानी नगर में स्थानीय महिलाओ ने कुमाऊंनी परिधान के साथ कलश यात्रा निकाली और सन्देश यात्रा को शोभायात्रा के रूप में पुरे नगर में निकाला गया जिसका समापन रामलीला मैदान में हुआ। वही इस यात्रा से पूरा वातावरण न्याय के देवता गोल्ज्यूमय हों उठा।
दरअसल बीते 4 नवम्बर को 21 दिवसीय गोल्ज्यू सन्देश यात्रा कि चंपावत से शुरुआत हुई। आपको बता दे इस 21 दिवसीय यात्रा का हल्द्वानी 19 वां पड़ाव है और इस यात्रा का समापन 24 नवम्बर को वापस से चम्पावत लौटकर होगा. साथ ही संस्था के अध्यक्ष विजय भट्ट ने कहाँ कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना है और ये यात्रा चम्पावत से प्रारम्भ होकर टनकपुर, रुद्रपुर, हरिद्वार, उत्तरकाशी, चम्बा, श्रीनगर गढ़वाल, मुनस्यारी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा होते हुये आज हल्द्वानी पहुंची है और 24 को चम्पावत गोल्ज्यू मंदिर में ही इस यात्रा का समापन होगा। साथ ही इसमें उत्तराखंड कि धार्मिकता, गोलू देवता, संस्कृति, पौराणिक धरोहर, रहन-सहन, खान-पान और आभूषण कि विशेष झलक देखने को मिलेगी।